IND vs SA: भारतीय टेस्ट टीम में ऋषभ पंत की वापसी, मोहम्मद शमी फिर से अनसलेक्टेड

IND vs SA: भारत और दक्षिण अफ़्रीका के बीच टेस्ट सीरीज 14 नवंबर से कोलकाता के एडेन् गार्डन्स में शुरू होने वाली है। इस मौके पर टीम इंडिया का ऐलान कर दिया गया है। लंबे समय से चोटिल रहने के बाद स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत टीम में वापसी कर रहे हैं। पंत को इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई में मैनचेस्टर में खेले गए चौथे टेस्ट में चोट लगी थी, जिसके कारण उन्होंने वेस्ट इंडीज के खिलाफ सीरीज मिस की थी। इस बार पंत को टीम में एन. जगदीशन की जगह शामिल किया गया है।
आकाशदीप की वापसी, शमी की अनसलेक्शन
बंगाल के तेज़ गेंदबाज आकाशदीप भी कंधे की चोट से उबरकर टेस्ट क्रिकेट में लौट आए हैं। उन्होंने हाल ही में रणजी ट्रॉफी और इरानी ट्रॉफी में वापसी की और टेस्ट टीम में जगह बनाई। वहीं, उनके साथी तेज़ गेंदबाज मोहम्मद शमी को टीम में जगह नहीं मिली। शमी ने रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ टीम इंडिया में शामिल नहीं किया गया।
शमी ने इस सीज़न में बंगाल के लिए तीनों रणजी ट्रॉफी मैचों में 15 विकेट लिए, औसत 15.53 और स्ट्राइक रेट 37.2 रहा। बावजूद इसके, शमी का टीम इंडिया में लौटना अब तक अधर में लटका हुआ है। फैंस भी सेलेक्टर्स के इस निर्णय से हैरान हैं।

लगातार अनदेखी का दर्द
मोहम्मद शमी लगातार शानदार प्रदर्शन करके टीम इंडिया के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं, लेकिन सेलेक्टर्स उन्हें लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं। शमी ने हाल ही में कहा कि वे पूरी तरह फिट हैं और उनका चयन उनके हाथ में नहीं है। ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान टीम में शामिल न होने पर भी उन्होंने कहा था कि चयन उनके हाथ में नहीं है। अगर फिटनेस की कोई समस्या होती, तो वे बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी में नहीं खेल रहे होते। शमी के बयान को सेलेक्टर्स के लिए एक सख्त चेतावनी माना गया, लेकिन फिर भी उन्हें अनदेखा किया गया।
अंतिम टेस्ट मैच से दो साल का इंतजार
यह ध्यान देने योग्य है कि मोहम्मद शमी ने टीम इंडिया के लिए अंतिम टेस्ट मैच लगभग ढाई साल पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ द ओवल में खेला था। इसके बाद से वे टेस्ट टीम में वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हालांकि शमी ने इस साल ODI और T20I मैच खेलें, लेकिन उसके बाद आठ महीने से अधिक का समय बीत चुका है और उनका टेस्ट टीम में न होना क्रिकेट प्रेमियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।